कलेक्टर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम आज सौपेंगे ज्ञापन
धमतरी (छत्तीसगढ़)।
जिला धमतरी के कलारतराई स्थित शासकीय बीज प्रक्रिया केंद्र में खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान किसानों को बांटे जा रहे बीजों में बड़े पैमाने पर गंभीर अनियमितताएं बरतने का मामला सामने आया है। सजग नागरिक कुन्दन कुमार साहू ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की तैयारी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि केंद्र में बिना किसी मानक पैकिंग, बिना टैग और बिना बैच नंबर के ही खुली बोरियों से तौलकर बीज धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं, जिससे हजारों किसानों की आजीविका और फसल उत्पादकता पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
प्राप्त विश्वसनीय जानकारी और तथ्यों के अनुसार, राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था रायपुर द्वारा परीक्षण के बाद ही अमानक या रिजेक्ट किए गए बीजों को कलारतराई केंद्र से खपाने का खेल चल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में बीज प्रबंधक श्री डोमेन्द्र कुमार साहू और गोदाम प्रभारी श्री यशवंत साहू की भूमिका को संदिग्ध बताया गया है। नियमों के मुताबिक, किसानों को वितरित किए जाने वाले बीज निर्धारित सीलबंद बैग में होने चाहिए, जिस पर मानक टैग, बैच नंबर, किस्म का नाम, अंकुरण प्रतिशत, शुद्धता और उत्पादन वर्ष जैसी आवश्यक जानकारियां अंकित हों। इसके विपरीत, इस केंद्र पर किसानों की मांग के अनुसार 5, 10, 25, 35 और 40 किलोग्राम तक बीज खुली बोरियों से तौलकर बिना किसी वैधानिक प्रमाण के थमाया जा रहा है।
इस अव्यवस्था के चलते क्षेत्र के किसान बेहद परेशान हैं, क्योंकि उनके पास यह जानने का कोई जरिया नहीं है कि वे किस गुणवत्ता या किस बैच का बीज खरीद रहे हैं। यदि भविष्य में यह बीज खेतों में अंकुरित नहीं होता है, तो किसानों के पास अपने अधिकारों की रक्षा करने या मुआवजा मांगने के लिए कोई भी कानूनी सबूत या दस्तावेज उपलब्ध नहीं रहेगा। प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 और प्रमाणित बीजों के वितरण संबंधी सरकारी मानकों का खुला उल्लंघन प्रतीत होता है।
शिकायतकर्ता ने यह भी उजागर किया है कि उक्त गोदाम प्रभारी के खिलाफ पूर्व में भी इस तरह की अनियमितताओं की शिकायतें बीज निगम के मुख्यालय में की जा चुकी हैं। परंतु आज तक कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई न होने से ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों का मूक संरक्षण प्राप्त है, जिसके हौसले बुलंद हैं। यदि समय रहते इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई, तो क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे शासन की कल्याणकारी योजनाओं की साख पर भी बट्टा लगेगा।
किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि कलारतराई केंद्र की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, वहां उपलब्ध समस्त बीजों के दोबारा सैंपल लेकर सक्षम प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजे जाएं और जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को संवेदनशील पदों से हटाया जाए। साथ ही, खुली बोरी से बिना मानक पैकिंग के बीज वितरण पर तत्काल रोक लगाते हुए पूर्व में बीज खरीद चुके किसानों की सूची तैयार कर उन्हें मानक बीज उपलब्ध कराया जाए। शिकायत में चेतावनी दी गई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध विभागीय और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की करने आज किसान कलेक्टर जनदर्शन पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है ।
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